दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन पर AAP ने उठाए गंभीर सवाल, चुनाव आयोग से की बड़ी मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के Chief Electoral Officer से मुलाकात करके voter list के Special Intensive Revision (SIR) प्रोसेस में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है। पार्टी का दावा है कि कई इलाकों में Booth Level Officers (BLOs) ने enumeration forms नहीं बांटे हैं और बड़ी संख्या में लोगों को गलत तरीके से 'shifted' यानी दूसरी जगह जाने वाला बता दिया गया है।
अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी इलाकों पर बड़ा दावा
AAP के दिल्ली स्टेट प्रेसिडेंट सौरभ भारद्वाज ने बताया कि unauthorized colonies, गांवों और slum areas के लगभग 60% रहने वालों को बिना सही verification के 'shifted' घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग ऐसे सभी मतदाताओं के नाम, पते और फोन नंबर political parties के Booth Level Agents (BLAs) को दे, ताकि वे इनकी सही जांच कर सकें।
migrant workers और वोटर्स के हटने पर चिंता
सौरभ भारद्वाज ने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा से आए migrant workers को लेकर चिंता जताई जो अक्सर किराए के मकान बदलते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इन वैध मतदाताओं को forms नहीं मिल रहे हैं जिससे उनके नाम voter list से कट सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले revision process में लगभग 10 लाख वोटर हटाए गए थे और सुझाव दिया कि चुनाव आयोग 'shifted' वोटर्स को SMS के जरिए सूचना दे।
AAP विधायकों की मांग और चुनाव आयोग का जवाब
प्रतिनिधिमंडल में शामिल AAP MLAs संजीव झा और कुलदीप कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग उन मतदाताओं को शामिल करने के लिए सहमत हो गया है जिन्हें गलती से 'shifted' मार्क कर दिया गया है, अगर वे खुद अपनी जानकारी अपडेट कर लें। कुलदीप कुमार ने 99% फॉर्म बांटने के दावे को गलत बताया और कहा कि nomadic तथा Scheduled Caste समुदायों के लोग छूट गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि हर योग्य नागरिक को voter list में शामिल करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।