MCD फंड विवाद: AAP ने लगाया कांग्रेस और सरकार पर मिलीभगत का आरोप
MCD हाउस में फंड को लेकर AAP और कांग्रेस पार्षदों में भिड़ंत। AAP ने लगाया भ्रष्टाचार और भेदभाव का आरोप।

दिल्ली नगर निगम (MCD) के भीतर राजनीतिक घमासान अब और गहरा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस और MCD सरकार के बीच मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। मामला पार्षदों के लिए तय किए गए फंड के वितरण से जुड़ा है, जिसने अब सदन में हंगामे और व्यक्तिगत टकराव का रूप ले लिया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP नेता अंकुशनारंग ने खुलासा किया कि पार्षदों के लिए दो करोड़ रुपये के फंड का वादा किया गया था, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी केवल 50 लाख रुपये ही जारी किए गए हैं। नारंग का आरोप है कि सरकार अब केवल 25 लाख रुपये देने की बात कर रही है, जो पार्षदों को 'भिखारी' की तरह ट्रीट करने जैसा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने अपने खास पार्षदों के लिए अलग से CMDF सिस्टम बनाया है, जबकि AAP प्रतिनिधियों की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
सदन में धक्का-मुक्की और बदसलूकी का आरोप
यह विवाद तब और बढ़ गया जब फंड के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद नाज़िया दानिश और AAP पार्षद शगुफ्ता ज़ुबैर चौधरी के बीच तीखी बहस हुई। AAP का आरोप है कि नाज़िया दानिश ने सरकार को बचाने के लिए मुद्दे को भटकाने की कोशिश की और शगुफ्ता ज़ुबैर के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्षद शगुफ्ता ज़ुबैर चौधरी ने अपने हाथों पर खरोंच के निशान दिखाए और आरोप लगाया कि माइक के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के दौरान नाज़िया दानिश ने उनके साथ शारीरिक हाथापाई की। शगुफ्ता ने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र सैदुल्लाजाब के लिए फंड की मांग कर रही थीं, जो उनका अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उन्होंने इस बात पर गहरा रोष जताया कि मेयर इस पूरी घटना के दौरान चुप रहे और उन्हें बोलने से रोका गया।
शगुफ्ता ने नाज़िया दानिश द्वारा अपनी धार्मिक पहचान का जिक्र करने पर पलटवार करते हुए कहा कि वह भी मुस्लिम हैं और AAP सभी संस्कृतियों और समुदायों का समान रूप से प्रतिनिधित्व करती है, जबकि कांग्रेस ऐसा नहीं करती। वहीं, अंकुशनारंग ने मांग की है कि नाज़िया दानिश अपनी असंसदीय भाषा और हिंसक व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।