शालीमार बाग में रामलीला परमिट रद्द, AAP ने दिल्ली सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
शालीमार बाग में रामलीला परमिट रद्द, AAP ने दिल्ली सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में रामलीला के आयोजन की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि आयोजन की तैयारी पूरी होने के बावजूद ऐन मौके पर परमिट वापस ले लिया गया, जिससे न केवल आयोजन रुक गया बल्कि आयोजकों को भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली राज्य अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे मामले को उठाते हुए प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए। भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और आयोजकों के दावों का हवाला देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से गलत और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक बेटी और पिता अपनी व्यथा बता रहे हैं। युवती के मुताबिक, उन्होंने सभी जरूरी अनुमतियां ले ली थीं और आयोजन पर लाखों रुपये खर्च कर दिए थे, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले अनुमति रद्द कर दी गई।

भेदभाव और AI वीडियो पर घमासान

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सौरभ भारद्वाज ने केवल रामलीला ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक आयोजनों जैसे कांवड़ शिविरों और छठ पूजा समितियों को दी जाने वाली अनुमतियों में भी भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जब कुछ आयोजनों को छूट दी जाती है, तो दूसरों के लिए नियम इतने सख्त क्यों हो जाते हैं और परमिट रद्द करने का आधार क्या होता है।

इस बीच, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े एक विवादित वीडियो का भी जिक्र हुआ। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि वीडियो में मुख्यमंत्री भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रही हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो बताया है। इस पर पलटवार करते हुए AAP नेता ने मांग की कि यदि वीडियो वास्तव में फर्जी है, तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।

अंत में, सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे प्रकरण की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और साथ ही यमुना की सफाई तथा वायु प्रदूषण के आंकड़ों में गड़बड़ी की जांच की मांग उठाई है।

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