दिल्ली में वोटर लिस्ट रिवीजन पर AAP ने उठाए गंभीर सवाल, CEO से की मुलाकात और डेटा की मांग

Kittu Kumari6 August 20262 min read33 viewsDelhi Local
दिल्ली में वोटर लिस्ट रिवीजन पर AAP ने उठाए गंभीर सवाल, CEO से की मुलाकात और डेटा की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के Chief Electoral Officer (CEO) से मुलाकात की और voter list के Special Intensive Revision (SIR) प्रोसेस में गड़बड़ी का आरोप लगाया। पार्टी ने मांग की है कि जिन मतदाताओं को 'shifted' दिखाया गया है, उनका पूरा डेटा political parties के Booth Level Agents (BLAs) को दिया जाए।

  • AAP प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई दिल्ली State President Saurabh Bharadwaj ने की।
  • पार्टी ने unauthorized colonies, गांवों और slum areas में forms न मिलने का दावा किया।
  • लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं को बिना वेरिफिकेशन के 'shifted' मार्क किए जाने का आरोप है।

वोटर लिस्ट से नाम हटने और फॉर्म न मिलने का आरोप

गुरुवार को हुई इस मुलाकात के बाद Saurabh Bharadwaj ने कहा कि Booth Level Officers (BLOs) ने सभी घरों तक enumeration forms नहीं पहुंचाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं को बिना सही वेरिफिकेशन के गलत तरीके से 'shifted' मार्क कर दिया गया है। Bharadwaj ने Election Commission से मांग की कि ऐसे सभी 'shifted' मतदाताओं के नाम, पते और फोन नंबर independent verification के लिए BLAs को दिए जाएं।

किराएदारों और झुग्गी-झोपड़ी वालों की समस्याएं

Bharadwaj ने बताया कि दिल्ली में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा के बहुत से लोग किराए के मकानों में रहते हैं और बार-बार जगह बदलते हैं। उन्होंने कहा कि इन genuine मतदाताओं को enumeration forms नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनके नाम voter list से कटने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा SIR से पहले एक पुरानी प्रक्रिया में लगभग 10 लाख वोटर्स के नाम हटाए गए थे, जिससे उनके voting rights प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि Election Commission 'shifted' मतदाताओं को SMS के जरिए सूचना दे।

MLA संजीव झा और कुलदीप कुमार के बयान

प्रतिनिधिमंडल में शामिल MLA Sanjeev Jha ने कहा कि अगर कोई वोटर गलती से 'shifted' मार्क हो गया है, लेकिन सही जानकारी के साथ सामने आता है, तो उसे SIR प्रोसेस में शामिल किया जाना चाहिए और Election Commission ने इस सुझाव पर सहमति जताई है। MLA Kuldeep Kumar ने 99 प्रतिशत form distribution के दावे को चुनौती दी और कहा कि nomadic और Scheduled Caste समुदायों के कई लोगों को बाहर कर दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि हर योग्य नागरिक को voter list में शामिल करना Election Commission की जिम्मेदारी है ताकि कोई भी अपने वोट के अधिकार से वंचित न रहे।

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