AAP का MCD में 680 करोड़ रुपये के टोल टेंडर घोटाले का बड़ा आरोप, CBI जांच की मांग

Kittu Kumari5 August 20262 min read32 viewsDelhi Local
AAP का MCD में 680 करोड़ रुपये के टोल टेंडर घोटाले का बड़ा आरोप, CBI जांच की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) ने Municipal Corporation of Delhi (MCD) में टोल टैक्स टेंडर प्रक्रिया में 680 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि 5,500 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को तकनीकी आधार पर बाहर कर दिया गया, जबकि 4,820 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका दे दिया गया। इससे निगम को 680 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। आप ने इस मामले की निष्पक्ष CBI investigation और मौजूदा टेंडर को रद्द करके नया खुला टेंडर जारी करने की मांग की है।

AAP नेताओं के गंभीर आरोप और प्रेस कॉन्फ्रेंस

आप मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि MCD ने 5,500 करोड़ रुपये के टेंडर को जारी करने के लिए अपनी Standing Committee को दरकिनार किया और फिर कथित तौर पर एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका दे दिया। उन्होंने दावा किया कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को बाहर किया गया, जिससे ठेका कम बोली लगाने वाले को मिल गया। कुलदीप कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि 122 लेन के लिए सिंगल कॉन्ट्रैक्ट और 24 महीने के कार्यकाल जैसी खास शर्तें जानबूझकर टेंडर में जोड़ी गईं ताकि एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके, भले ही वह कंपनी कथित तौर पर कार्रवाई का सामना कर रही थी और ब्लैकलिस्टेड थी।

टेंडर शर्तों में बदलाव और फंड की कमी का मुद्दा

AAP के co-in-charge प्रवीण कुमार ने दावा किया कि ऐसी पाबंदी वाली शर्तों को आप सरकार के कार्यकाल के दौरान कॉम्पिटिशन को बढ़ावा देने के लिए हटा दिया गया था, लेकिन MCD ने उन्हें फिर से लागू कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में negotiation clause का इस्तेमाल नहीं किया गया और Letter of Intent (LOI) जल्दबाजी में जारी किया गया। एक अन्य co-in-charge प्रीति डोगरा ने MCD की खराब वित्तीय स्थिति के बावजूद ज्यादा राजस्व देने वाली बोली को नजरअंदाज करने के लिए निगम की आलोचना की। कॉरपोरेटर राजीव चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि ये कथित अनियमितताएं जनता के लिए नुकसानदेह हैं, खासकर तब जब फंड की कमी के कारण विकास कार्य पहले से ही प्रभावित हो रहे हैं। आप इन कथित अनियमितताओं की CBI जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पारदर्शी दोबारा टेंडर प्रक्रिया की मांग कर रही है।

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