18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में संपन्न, वैश्विक नेताओं ने की विदाई

नई दिल्ली में 13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल समापन के बाद वैश्विक नेता रवाना हो गए हैं। भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएन्स, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित 'मानवता पहले' के दृष्टिकोण को दर्शाता है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी और 11-12 सितंबर 2026 को ब्रिक्स बिजनेस फोरम तथा भारत इनोवेट्स एक्सोजीशन के बाद इस मुख्य कार्यक्रम की मेजबानी की। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने वैश्विक शासन, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, व्यापार, प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर 140-पैराग्राफ के आम सहमति दस्तावेज 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया।
सदस्य देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इस घोषणापत्र में पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई और पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा में सहयोग पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारिक समुदाय से व्यापारिक बाधाओं की पहचान करने और स्टार्टअप के विस्तार को बढ़ावा देने का आग्रह किया। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स को एक स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में कार्य करने की वकालत की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा विनिर्माण क्षेत्र में साझेदारी का प्रस्ताव रखा।
अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई गणमान्य व्यक्तियों के साथ व्यापक द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन गणमान्य व्यक्तियों में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासीम-जोमार्ट तोकायेव, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका रोज एपेल अलुपो शामिल थीं। इन चर्चाओं में आपदा लचीला बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय बड़ी बिल्ली गठबंधन जैसे विभिन्न विषयों पर बातचीत की गई। इस आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी PIB India पर उपलब्ध है।