नई दिल्ली में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच संपन्न, संयुक्त घोषणापत्र पर बनी सहमति

नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में संयुक्त घोषणापत्र अपनाया गया, जिसमें UN सुधार और आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख पर जोर दिया गया।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsNational
नई दिल्ली में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच संपन्न, संयुक्त घोषणापत्र पर बनी सहमति

देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 12th BRICS Parliamentary Forum का समापन हो गया है। संसद भवन परिसर के संविधान सदन में दो दिनों तक चले इस मंथन के बाद सभी सदस्य देशों ने एक व्यापक संयुक्त घोषणापत्र (Joint Declaration) को अपनाया है। इस पूरे आयोजन का मुख्य केंद्र "लोगों के केंद्रित विकास के लिए संसद को बढ़ावा देना" रहा, जिसमें दुनिया की लगभग 50% आबादी और 40% वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले देशों ने हिस्सा लिया।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत 26 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की थी। उद्घाटन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया और विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत की। ओम बिरला ने इस मौके पर जोर दिया कि संसदीय कूटनीति के जरिए वैश्विक शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने ब्रिक्स को 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक प्रभावशाली आधार स्तंभ बताया।

आतंकवाद और UN सुधारों पर एक सुर में बोले सदस्य देश

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फोरम के दौरान लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता जैसे चार मुख्य स्तंभों पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। चर्चाओं का सबसे अहम हिस्सा संयुक्त घोषणापत्र रहा, जिसमें वैश्विक शासन को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) और उसकी सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रतिबद्धता जताई गई।

सुरक्षा के मोर्चे पर, सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की, जिसमें 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले का विशेष जिक्र किया गया। इसके साथ ही, घोषणापत्र में एकतरफा दमनकारी उपायों का विरोध किया गया और मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

बैठक के अंत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चीन के नेशनल पीपल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष झेंग जियानबैंग के साथ इस घोषणापत्र का औपचारिक आदान-प्रदान किया। इस मंच पर वियतनाम के प्रतिनिधि थाई क्विन्ह माई डंग ने संसदीय संचालन के आधुनिकीकरण और विधायी अनुभवों को साझा करने के लिए विशेष सुझाव भी पेश किए।

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