संसद भवन में कल शुरू होगा 12वां ब्रिक्स संसदीय फोरम, पीएम मोदी करेंगे आगाज़
संसद भवन परिसर में 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की शुरुआत होगी। ओम बिरला ने रूसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर आतंकवाद और वैश्विक शांति पर चर्चा की।

देश की राजधानी दिल्ली के संसद भवन परिसर में कल से दो दिवसीय 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम (BRICS Parliamentary Forum) का आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जो विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस फोरम का मुख्य उद्देश्य "जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मजबूत करना" है, जिसके तहत लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता जैसे विषयों पर उच्च स्तरीय चर्चा की जाएगी।
भारत और रूस के बीच आतंकवाद और वैश्विक शांति पर चर्चा
फोरम की शुरुआत से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की। रूसी फेडरेशन की स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल के साथ बिरला ने भारत और रूस की समय-परखी दोस्ती और आपसी विश्वास पर जोर दिया। बैठक के दौरान दोनों देशों ने वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया। ओम बिरला ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ देने के लिए रूस की सराहना की और कहा कि वैश्विक शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होना होगा।
बातचीत के दौरान यह भी जिक्र आया कि 2027 में भारत और रूस के राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में इस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ने परमाणु ऊर्जा, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की। साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की जरूरत बताई और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के निरंतर समर्थन का आभार व्यक्त किया।
वहीं, स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने व्यापार, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर खुशी जताई। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश की बाधाओं को दूर करने तथा संयुक्त व्यावसायिक उद्यमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से भारत और रूस की संसदों के बीच नियमित आदान-प्रदान संबंधों को और गहरा करेगा।
रूस के अलावा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्यूबा, मिस्र और बेलारूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की और सार्थक चर्चा की। इस फोरम के जरिए सदस्य देशों की संसदों के बीच संवाद स्थापित कर वैश्विक चुनौतियों, जैसे जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार की जाएगी।