नई दिल्ली में हुई 11वीं BIMSTEC आतंकवाद विरोधी बैठक, पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों पर हुई चर्चा

Kittu Kumari30 September 20261 min read0 viewsNational
नई दिल्ली में हुई 11वीं BIMSTEC आतंकवाद विरोधी बैठक, पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों पर हुई चर्चा

नयी दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को BIMSTEC ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप ऑन काउंटर टेररिज़्म एंड ट्रांसनेशनल क्राइम की 11वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की मेजबानी भारत सरकार ने की, जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधि शामिल हुए। विदेश मंत्रालय के काउंटर टेररिज़्म के अतिरिक्त सचिव डॉ. सुहेल एजाज खान ने बैठक की अध्यक्षता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में BIMSTEC क्षेत्र में पारंपरिक और उभरते गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने क्षेत्र में आतंकवाद और transnational crimes का मुकाबला करने के लिए सहयोग बढ़ाने के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और सिफारिशें कीं। बैठक में मानव तस्करी, नशीले पदार्थों की रोकथाम, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने, कानूनी और कानून प्रवर्तन मुद्दों तथा कट्टरपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने पर सहयोग के उप-समूहों की रिपोर्टों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान भारत के आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 178वें एपिसोड में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति अपना रहा है। पीएम मोदी ने भारतीय सेना द्वारा 28-29 सितंबर 2016 को किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ को भी याद किया। सर्जिकल स्ट्राइक ने पूरी दुनिया को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण दिखाया। पिछले एक दशक में बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, भारत ने बार-बार एक स्पष्ट संदेश दिया है। इस बीच, बांग्लादेश के पास वर्तमान में BIMSTEC की घूर्णन अध्यक्षता है और वह 2027 में एक BIMSTEC शिखर सम्मेलन आयोजित करने का इरादा रखता है।

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